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US ने दूसरी बार NKorea के ऊपर से उड़ाए बॉम्बर्स, कहा- हर चुनौती के लिए तैयार

US ने दूसरी बार NKorea के ऊपर से उड़ाए बॉम्बर्स, कहा- हर चुनौती के लिए तैयार

lt;bgt;न्यूयॉर्क.lt;/bgt; अमेरिका ने नॉर्थ कोरिया के ऊपर से एक बार फिर बॉम्बर्स उड़ाकर अपनी ताकत दिखाई। साथ ही कहा कि किसी भी चुनौती से निपटने के लिए हमारे पास कई ऑप्शंस हैं। इससे पहले अमेरिका ने 18 सितंबर को भी नॉर्थ के ऊपर से बॉम्बर्स उड़ाए थे। बता दें कि 15 सितंबर को नॉर्थ कोरिया ने जापान की तरफ इंटरकॉन्टिनेंटल बैलिस्टिक मिसाइल दागी थी और 3 सितंबर को नॉर्थ कोरिया ने हाइड्रोजन बम का टेस्ट किया था। इसके चलते कोरियाई पेनिनसुला (प्रायद्वीप) में तनाव बना हुआ है। lt;bgt;हम किसी भी चुनौती से निपटने के लिए तैयार...lt;/bgt; - न्यूज एजेंसी के मुताबिक अमेरिकी डिफेंस डिपार्टमेंट (पेंटागन) की स्पोक्सपर्सन टाना व्हाइट ने शनिवार को कहा, इस मिशन का मकसद ये दिखाना था कि प्रेसिडेंट (डोनाल्ड ट्रम्प) के पास किसी भी खतरे से निपटने के लिए कई मिलिट्री ऑप्शंस हैं। - व्हाइट ने ये भी बताया कि अमेरिकी एयरफोर्स के बी-1बी लांसर बॉम्बर्स ने गुआम से उड़ान भरी थी। हमारे बॉम्बर्स के साथ जापान के F-15C ईगल फाइटर प्लेन्स भी थे। - नॉर्थ कोरिया का वेपन्स प्रोग्राम से केवल एशिया-पैसिफिक को नहीं बल्कि पूरी इंटरनेशनल कम्युनिटी को खतरा है। हम केवल अमेरिकी धरती नहीं बल्कि अपने सहयोगियों की रक्षा करने के लिए तैयार हैं। - हाल ही में यूएन में अमेरिकी एम्बेसडर निक्की हेली ने कहा कि अगर नॉर्थ कोरिया अपना न्यूक्लियर प्रोग्राम बंद नहीं करता तो उसे खत्म कर दिया जाएगा। फिलहाल साउथ कोरिया में 28,500 अमेरिकी सैनिक हैं। - यूएस के नेशनल सिक्युरिटी एडवाइजर (NSA) एचआर मैकमास्टर भी कह चुके हैं कि नॉर्थ कोरिया पर लगाए गए बैन उसके एटमी प्रोग्राम को रोकने में नाकाम रहते हैं तो हमें सभी ऑप्शंस के लिए तैयार रहना चाहिए। lt;bgt;3700 किमी दूर गई थी मिसाइलlt;/bgt; - साउथ कोरिया की डिफेंस मिनिस्ट्री ने बताया था कि नॉर्थ की मिसाइल ने 3700 किमी की दूरी तय की और वह 770 किमी की ऊंचाई तक गई। नॉर्थ कोरिया ने कन्फर्म किया था कि जापान पर दागी गई मिसाइल ह्वासोंग-12 थी। इसी मिसाइल को उसने 29 अगस्त को भी दागा था। - नॉर्थ कोरियाई न्यूज एजेंसी केसीएनए ने किम के हवाले से कहा, दुनिया देख ले कि सालों के तमाम बैन के बावजूद हम अपना मकसद पूरा करेंगे। हमारा अंतिम मकसद अमेरिकी फोर्स जितनी ताकत हासिल करना है ताकि वह हम पर सैन्य हमले की जुर्रत न कर सके। - इंटरनेशनल इंस्टीट्यूट फॉर स्ट्रैटजिक स्टडीज के जोसेफ डेंप्सी ने कहा कि नॉर्थ की इस मिसाइल ने अब तक की सबसे ज्यादा दूरी तय की। lt;bgt;नॉर्थ कोरिया के 6 न्यूक्लियर टेस्टlt;/bgt; - नॉर्थ कोरिया 2006, 2009, 2013 और 2016 में न्यूक्लियर बम की टेस्टिंग कर चुका है। - 9 अक्टूबर, 2006- पहली बार जमीन के अंदर किया न्यूक्लियर टेस्ट। यूएस से एटमी वॉर का बताया था खतरा। - 25 मई, 2009- दूसरी बार किया एटमी टेस्ट। - 13 जून, 2009- नॉर्थ कोरिया ने कहा कि वो यूरेनियम एनरिचमेंट करेगा। इसे न्यूक्लियर वेपन्स और प्लूटोनियम बेस्ड रिएक्टर बनाने की संभावना माना गया। - 11 मई, 2010- न्यूक्लियर फ्यूजन रिएक्टर बनाने का दावा किया। आशंका जताई गई कि नॉर्थ ज्यादा पावरफुल बम बनाएगा। - 13 फरवरी, 2013- तीसरी बार न्यूक्लियर टेस्ट किया। - 10 दिसंबर, 2015- तानाशाह उन का दावा- हासिल की हाइड्रोजन बम टेस्ट की कैपिबिलिटी। - 6 जनवरी, 2016- हाइड्रोजन बम का टेस्ट किया। - सितंबर, 2016- पांचवां एटमी टेस्ट किया। - 3 सितंबर, 2017- छठा एटमी टेस्ट किया। ये हाइड्रोजन बम था।