दुनिया

सऊदी अरब में खुलेगा पहला वुमन ड्राइविंग स्कूल, मिल चुका है कार चलाने का हक

सऊदी अरब में खुलेगा पहला वुमन ड्राइविंग स्कूल, मिल चुका है कार चलाने का हक

lt;bgt;रियाद. lt;/bgt; सऊदी अरब में महिलाओं के अच्छे दिन आ गए हैं। ड्राइविंग का हक मिलने के बाद अब इस खाड़ी देश में पहला वुमन ड्राइविंग स्कूल भी खुलेगा। महिलाओं के मामले में बेहद रूढ़िवादी (ultra-conservative) इस देश में ये पहल करेगा प्रिसेंज नौराह यूनिवर्सिटी। ये वुमन यूनिवर्सिटी संबंधित ऑफिशियल्स के साथ मिलकर ड्राइविंग स्कूल खोलेगा। lt;bgt;किंग सलमान ने जारी किया है एेतिहासिक आदेश...lt;/bgt; - न्यूज एजेंसी के मुताबिक प्रिसेंज नौराह यूनिवर्सिटी की तरफ से शनिवार को एक बयान में वुमन ड्राइविंग स्कूल खोलने की जानकारी दी गई। बता दें कि 26 सितंबर को किंग सलमान बिन अब्दुल अजीज अल सौद ने महिलाओं को ड्राइविंग लाइसेंस जारी करने का ऐतिहासिक आदेश जारी किया था। - बाद में फॉरेन मिनिस्ट्री के ऑफिशियल ट्विटर अकाउंट पर भी ड्राइविंग का हक देने का एलान किया गया था। ट्वीट में लिखा था, सऊदी अरब महिलाओं को गाड़ी चलाने की इजाजत देता है। इसके बाद ये साफ हो गया है कि इस देश में अब महिलाएं भी सड़कों पर गाड़ी चला सकेंगी। - प्रिसेंज नौराह यूनिवर्सिटी के 60 हजार से ज्यादा फीमेल स्टूडेंट रियाद और देश के अन्य शहरों में हैं। किंग सलमान के आदेश के बाद ड्राइविंग स्कूल खोलने का फैसला महिलाओं के सपोर्ट में पहला एलान है। lt;bgt;कारों की सेल बढ़ने की उम्मीदlt;/bgt; - किंग सलमान के आदेश के बाद देश में महिला कर्मचारियों और कारों की सेल बढ़ने की उम्मीद है। सरकार जनवरी 2018 से वैल्यू एडेड टैक्स लगाने जा रही है। माना जा रहा है कि इससे पहले ही कारों की सेल बढ़ेगी। फैसले से एनकरेज कार निर्माता कंपनियों निसान, शेवरोलेट और फोर्ड ने सऊदी महिलाओं को बधाई दी है। lt;bgt;रोक लगाने वाला अकेला देश था सऊदीlt;/bgt; - अब तक सऊदी अरब दुनिया का इकलौता ऐसा खाड़ी देश था, जहां महिलाओं को ड्राइविंग करने का अधिकार नहीं था। किंग सलमान के इस फैसले की दुनियाभर में तारीफ हुई हैं। - अमेरिका के फॉरेन मिनिस्ट्री के स्पोक्सपर्सन हीथर नुअर्ट ने कहा, यूएस इस फैसले से खुश है, सऊदी अरब में ये एक सही दिशा में उठाया गया महान कदम है। lt;bgt;हक के विरोध में थे मौलवीlt;/bgt; - वुमन राइट एक्टिविस्ट्स सऊदी अरब में 1990 से महिलाओं को ड्राइविंगा का अधिकार देने की मांग कर रही थीं। ज्यूडिशियरी और एजुकेशन की फील्ड में दखल देने वाले कुछ अतिवादी मौलवी इसके खिलाफ थे, उनका कहना था कि इससे समाज भ्रष्ट होगा और पाप का जन्म होगा। lt;bgt;फैसला इकोनॉमिक रिफॉर्म्स का हिस्सा: खालिदlt;/bgt; - अमेरिका में सऊदी अरब के राजदूत प्रिंस खालिद बिन सलमान बिन अब्दुल अजीज ने कहा कि महिलाओं को कार चलाने की इजाजत देने का एलान इकोनॉमिक रिफॉर्म्स का हिस्सा है। खालिद बिन सलमान ने मीडिया से कहा, इस घोषणा के बाद महिलाओं को कार चलाने की इजाजत होगी। यह फैसला सिर्फ एक अहम सोशल चेंज नहीं बल्कि सऊदी के इकोनॉमिक रिफॉर्म्स का हिस्सा है। lt;bgt;कमेटी देगी फैसले पर सुझावlt;/bgt; - हालांकि फैसले को लागू करने में थोड़ा वक्त लगेगा क्योंकि किंग ने अपने आदेश में इसे सही तरीके से लागू करने के लिए एक कमेटी बनाने के लिए कहा है। यह कमेटी 30 दिन में अपने सुझाव देगी और उसके बाद अगले साल जून तक आदेश को लागू किया जाएगा। lt;bgt;शरिया कानून का भी ध्यान रखा जाएगाlt;/bgt; - किंग का आदेश उन लोगों की भी जीत है जो सालों से महिलाओं को यह अधिकार दिलाने के लिए संघर्ष करते आ रहे थे। वैसे किंग ने महिलाओं को लाइसेंस जारी करने की इजाजत तो दी है, लेकिन इसमें भी शरिया कानून का ध्यान रखने की बात भी कही गई है।