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फेसबुक मेरे खिलाफ था: ट्रम्प; जुकरबर्ग बोले- लिबरल कहते हैं हमने आपकी मदद की

फेसबुक मेरे खिलाफ था: ट्रम्प; जुकरबर्ग बोले- लिबरल कहते हैं हमने आपकी मदद की

lt;bgt;सैन फ्रांसिस्को. lt;/bgt; फेसबुक के सीईओ मार्क जुकरबर्ग ने डोनाल्ड ट्रम्प के एक दावे को गलत बताया है। ट्रम्प ने कहा था कि न्यूयॉर्क टाइम्स और वॉशिंगटन पोस्ट की तरह फेसबुक का भी रवैया हमेशा मेरे खिलाफ था। जुकरबर्ग ने कहा है, ट्रम्प के आरोपों का कोई आधार नहीं है। लिबरल तो कहते हैं कि हमने ट्रम्प की मदद की।lt;bgt; हम ऐसा प्लेटफॉर्म हैं, जहां सभी आईडियाज को जगह मिलती है...lt;/bgt; - अमेरिका के प्रेसिडेंट ट्रम्प ने बुधवार को ट्वीट किया था। इसमें लिखा था, फेसबुक हमेशा एंटी-ट्रम्प रहा। नेटवर्क्स हमेशा ट्रम्प विरोधी थे, फेक न्यूज, न्यूयॉर्क टाइम्स (माफी मांगी) और वॉशिंगटन पोस्ट एंटी ट्रम्प थे। मिलीभगत? - जुकरबर्ग ने ट्रम्प के इस आरोप का जवाब दिया है। इन्होंने कहा, ट्रम्प कहते हैं कि फेसबुक उनके खिलाफ है। लिबरल्स कहते हैं कि हमने ट्रम्प की मदद की। आईडियाज और कॉन्टेंट को लेकर नाराजगी दोनों तरफ है, उन्होंने इसे पसंद नहीं किया। हम तो एक ऐसा प्लेटफॉर्म हैं, जहां सभी आईडियाज को जगह मिलती है। lt;bgt;अमेरिकी चुनाव में फेसबुक का अहम रोल थाlt;/bgt; - जुकरबर्ग ने अपनी ट्विटर पोस्ट में लिखा है, फैक्ट्स यह बताते हैं कि 2016 के अमेरिकी चुनाव में फेसबुक का अहम रोल था, ज्यादातर लोग जो कह रहे थे, ये उससे उलट बात है। पहले के मुकाबले इस चुनाव में ज्यादातर लोगों ने अपनी बात रखी। कई मुद्दों पर अरबों लोगों ने चर्चा की, जिसे कभी ऑफलाइन नहीं किया जा सकता। मीडिया ने जो कवरेज की, उसके अलावा भी हर टॉपिक पर चर्चा हुई। lt;bgt;फेसबुक ने फेक न्यूज की गंभीरता से जांच की थीlt;/bgt; - जुकरबर्ग ने कहा, राष्ट्रपति चुनाव के दौरान एक लाख डॉलर की कीमत के रूसी राजनीतिक विज्ञापनों के बारे में खुलासा होने के बाद फेसबुक ने अपने प्लेटफॉर्म पर फेक न्यूज की गंभीरता से जांच की। यह ऐसा पहला अमेरिकी चुनाव था, जिसमें कैंडीडेट्स ने बातचीत के लिए इंटरनेट का प्रमुखता से इस्तेमाल किया। हर कैंडिडेट का अपना फेसबुक पेज था, जिस पर उसने हर दिन अपने लाखों फॉलोअर्स से सीधे बातचीत की। lt;bgt;सारी डिटेल्स स्पेशल काउंसल को सौंप दी हैlt;/bgt; - जुकरबर्ग लिखते हैं, फेसबुक ने हाल ही में सारी डिटेल्स स्पेशल काउंसल रॉबर्ट मुलर को सौंप दी थी। मुलर चुनाव में रूसी दखलंदाजी की जांच कर रहे हैं। फेसबुक, ट्विटर और गूगल को यूएस सीनेट इंटेलिजेंस कमेटी के सामने गवाही देने के लिए समन भेजा गया है। - जुकरबर्ग ने यह भी कहा कि चुनाव के बाद उन्होंने एक कमेंट किया था कि फेसबुक पर गलत सूचनाएं देकर नतीजों को प्रभावित किया गया, ऐसा कहना बेहद अजीब था।