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पाकिस्तान के ट्रांसजेंडर्स अब ID में पेरेंट्स की जगह लिख सकेंगे गुरु का नाम

पाकिस्तान के ट्रांसजेंडर्स अब ID में पेरेंट्स की जगह लिख सकेंगे गुरु का नाम

lt;bgt;लाहौर/नई दिल्ली. lt;/bgt;पाकिस्तान में ट्रांसजेंडर्स अब पेरेंट्स की जगह अपने गुरु का नाम लिख सकेंगे। दरअसल, पाकिस्तान कम्प्यूटराइज्ड नेशनल आइडेंटिटी कार्ड तैयार कर रहा है। इसके लिए थर्ड जेंडर का इश्यू सामने आ रहा था। अब नेशनल डाटाबेस एंड रजिस्ट्रेशन अथॉरिटी (NADRA) ने ट्रांसजेंडरों पर यह फैसला लिया है कि वो अपने गुरु का नाम पेरेंट्स की जगह लिख सकेंगे। lt;bgt;लाहौर हाईकोर्ट को दी जानकारी...lt;/bgt; - NADRA ने बुधवार को लाहौर हाईकोर्ट को अपने फैसले की जानकारी दी। दरअसल, लाहौर हाईकोर्ट में एक ट्रांसजेंडर मियां आसिया ने एक पिटीशन दायर किया था। इसमें कहा गया था कि ट्रांसजेंडर्स को थर्ड जेंडर के तौर पर मंजूरी दी जा चुकी है। लेकिन नेशनल आइडेंटिटी कार्ड में उनका नाम कुछ वजहों से नहीं दिया गया है। - आसिया ने अपने गुरु की मौत के बाद उनका नाम हटाने और अपना कार्ड रिन्यू ना होने की वजह से हाईकोर्ट का रुख किया था। - सुनवाई के दौरान, NADRA ने लाहौर हाईकोर्ट को बताया कि ट्रांसजेंडरों को उसी तरह की कैटेगरी में रखा जाएगा, जिसमें अनाथ बच्चों को रखा जाता है। lt;bgt;कोर्ट ने क्या कहा?lt;/bgt; - लाहौर हाईकोर्ट ने NADRA से पूछा कि आप ट्रांसजेंडरों की आइडेंटिटी के लिए कौन-सा तरीका अपनाएंगे। इस पर NADRA ने हाईकोर्ट को बताया कि अब कोई भी ट्रांसजेंडर पेरेंट्स के कॉलम में अपने गुरु का नाम लिख सकेगा। इस तरह उसकी पहचान पूरी हो जाएगी। यह वही तरीका है जो अनाथ बच्चों के मामले मे इस्तेमाल किया जाता है। - हाईकोर्ट को सरकारी अथॉरिटी ने ये भी बताया कि इसके लिए जरूरी होगा कि पहले गुरु की पहचान की जाए। इसके बाद ट्रांसजेंडर और उसके गुरु की बायोमीट्रिक पहचान दर्ज की जाएगी। इनके वेरिफिकेशन के बाद आइडेंटिटी कार्ड जारी किए जाएंगे। - दरअसल, आसिया ने ही लाहौर हाईकोर्ट से मांग की थी कि पेरेंट्स के बारे में उसे जानकारी नहीं है। लिहाजा, पेरेंट्स के तौर पर उसके गुरु का नाम आईडी में दर्ज किया जाए। - आसिया को गुरु के नाम पर आईडी प्रूफ मिल भी गया गया था, लेकिन 2005 में उनकी मौत हो गई। 2011 में उसका कार्ड एक्सपायर हो गया। उसने जब NADRA के अफसरों से इसे रिन्यू करने को कहा तो उन्होंने इससे इनकार कर दिया। बहरहाल, लंबी कानूनी जंग के बाद अब आसिया को कामयाबी मिल गई है और उसके कार्ड पर पेरेंट्स की जगह उसके गुरु का नाम दर्ज किया जाएगा।