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नॉर्थ कोरिया को घेरने 11 दिन के 5 एशियाई देशों की यात्रा करेंगे ट्रम्प

नॉर्थ कोरिया को घेरने 11 दिन के 5 एशियाई देशों की यात्रा करेंगे ट्रम्प

lt;bgt;वॉशिंगटन. lt;/bgt;नॉर्थ कोरिया खतरे के मद्देनजर डोनाल्ड ट्रम्प अपने पहले एशिया दौरे पर आने वाले हैं। ट्रम्प 3 से 14 नवंबर तक एशिया में रहेंगे। इस दौरान वे जापान, साउथ कोरिया, चाइना, वियतनाम और फिलीपींस से मुलाकात करेंगे। बता दें कि नॉर्थ कोरिया ने 3 सितंबर को हाइड्रोजन बम का टेस्ट किया था। 15 सितंबर को नॉर्थ ने जापान के ऊपर से इंटरकॉन्टिनेंटल बैलिस्टिक मिसाइल दागी थी। इसके बाद अमेरिका ने नॉर्थ कोरिया के ऊपर से F-35B और B-1B बॉम्बर्स उड़ाए थे। इसके बाद बॉम्बर्स गुआम और जापान के एयर बेस लौट गए थे।lt;bgt; दो समिट में हिस्सा लेंगे ट्रम्प...lt;/bgt; - न्यूज एजेंसी रॉयटर्स के मुताबिक, ट्रम्प वियतनाम में एशिया-पैसिफिक इकोनॉमिक कोऑपरेशन (APEC) और फिलीपींस में एसोसिएशन ऑफ साउथईस्ट एशियन नेशंस (आसियान) समिट में हिस्सा लेंगे। ट्रम्प के साथ उनकी वाइफ मेलानिया भी एशिया दौरे पर आएंगी। - बीते दिनों यह भी कहा जा रहा था कि ट्रम्प मनीला समिट में हिस्सा नहीं भी ले सकते। क्योंकि ट्रम्प फिलीपींस के प्रेसिडेंट रोड्रिगो दुर्तेते को सपोर्ट नहीं करना चाहते, जो कई एंटी-अमेरिकंस को निशाना बनाने के लिए जिम्मेदार हैं। - एशिया के एक डिप्लोमैट की मानें तो ट्रम्प का एशिया दौरा न केवल एशिया पॉलिसी के लिए बल्कि पूरे साउथईस्ट रीजन के लिए बेहतर साबित होगा। lt;bgt;भारत नहीं आ रहे ट्रम्पlt;/bgt; - नरेंद्र मोदी जून में अमेरिका दौरे पर गए थे। उन्होंने ट्रम्प और उनकी वाइफ मेलानिया को भारत आने का न्योता दिया था। - हालांकि एशिया दौरे के दौरान ट्रम्प का भारत आने का फिलहाल कोई प्लान नहीं है। lt;bgt;नॉर्थ कोरिया और अमेरिका के बीच तीखी बयानबाजीlt;/bgt; - 27 सितंबर को ट्रम्प ने कहा कि अमेरिका नॉर्थ कोरिया पर हमले के लिए पूरी तरह तैयार है। उन्होंने कहा कि इसे काफी पहले निपटा दिया जाना चाहिए था। हालांकि, उन्होंने यह भी कहा है कि परेशानी दूर करने के लिए यह उनका पहला ऑप्शन नहीं है। उन्होंने जिम्मेदार देशों से अपील की है कि नॉर्थ कोरिया की न्यूक्लियर ताकत को पूरी तरह खत्म करने के लिए उनके साथ आएं। - ट्रम्प ने कहा कि नॉर्थ कोरिया को 20 साल पहले, 15 साल पहले, 10 साल पहले और पांच साल पहले ही निपटा दिया जाना चाहिए था। तब उससे ज्यादा आसानी से निपटा जा सकता था। - ट्रम्प की ओर से यह रिएक्शन नॉर्थ कोरिया के उस बयान के एक दिन बाद आया है, जिसमें कहा गया था कि हम अपनी हिफाजत के लिए अमेरिकी बॉम्बर्स विमानों को मार गिराने के लिए तैयार हैं। - नॉर्थ कोरिया के विदेश मंत्री री योंग हो न्यूयॉर्क में थे। वहां उन्होंने आरोप लगाया था कि अमेरिका नॉर्थ कोरिया के खिलाफ जंग छेड़ने का एलान कर रहा है। - इससे पहले यूएन जनरल असेंबली में अपनी स्पीच में ट्रम्प ने नॉर्थ कोरिया के तानाशाह को रॉकेट मैन कहकर संबोधित किया था। lt;bgt;दुनिया इसलिए नाराज है नॉर्थ कोरिया से, अब तक किए 6 न्यूक्लियर टेस्टlt;/bgt; - नॉर्थ कोरिया 2006, 2009, 2013 और 2016 में न्यूक्लियर बम की टेस्टिंग कर चुका है। - 9 अक्टूबर, 2006: पहली बार जमीन के अंदर किया न्यूक्लियर टेस्ट। यूएस से एटमी वॉर का बताया था खतरा। - 25 मई, 2009: दूसरी बार किया एटमी टेस्ट। - 13 जून, 2009: नॉर्थ कोरिया ने कहा कि वो यूरेनियम एनरिचमेंट करेगा। इसे न्यूक्लियर वेपन्स और प्लूटोनियम बेस्ड रिएक्टर बनाने की संभावना माना गया। - 11 मई, 2010: न्यूक्लियर फ्यूजन रिएक्टर बनाने का दावा किया। आशंका जताई गई कि नॉर्थ ज्यादा पावरफुल बम बनाएगा। - 13 फरवरी, 2013: तीसरी बार न्यूक्लियर टेस्ट किया। - 10 दिसंबर, 2015: तानाशाह उन का दावा- हासिल की हाइड्रोजन बम टेस्ट की कैपिबिलिटी। - 6 जनवरी, 2016: हाइड्रोजन बम का टेस्ट किया। - सितंबर, 2016: पांचवां एटमी टेस्ट किया। - 3 सितंबर, 2017: छठा एटमी टेस्ट किया। ये हाइड्रोजन बम था।