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जाधव केस में PAK ने शुरू की तैयारी, पूर्व चीफ जस्टिस करेंगे इंटरनेशनल कोर्ट में पैरवी

जाधव केस में PAK ने शुरू की तैयारी, पूर्व चीफ जस्टिस करेंगे इंटरनेशनल कोर्ट में पैरवी

lt;bgt;इस्लामाबाद/लाहौर. lt;/bgt; कुलभूषण जाधव मामले में पाकिस्तान की तरफ से पूर्व चीफ जस्टिस तसादुक हुसैन जिलानी ICJ (इंटरनेशनल कोर्ट ऑफ जस्टिस) में पैरवी करेंगे। जिलानी को पाक सरकार ने इस मामले में एडहॉक जज अप्वॉइंट किया है, जो टीम की अगुवाई करेंगे। पाक ने आईसीजे में भारत के एप्लिकेशन के जवाब में अपनी पिटीशन फाइल करने की प्रॉसेस शुरू कर दी है। बता दें कि जाधव इंडियन नेवी के एक रिटायर्ड अफसर हैं। पाक का दावा है कि जाधव को बलूचिस्तान से अरेस्ट किया गया था। पाक मिलिट्री ने उन्हें अशांति फैलाने और जासूसी करने के आरोप में फांसी की सजा सुनाई है। हालांकि आईसीजे ने फांसी पर रोक लगा रखी है। lt;bgt;हाई लेवल मीटिंग में जाधव केस पर चर्चा...lt;/bgt; - न्यूज एजेंसी के मुताबिक जस्टिस जिलानी पाकिस्तान के पूर्व विदेश सचिव जलील अब्बास जिलानी के कजिन हैं। शुक्रवार को पाक अटॉर्नी जनरल के ऑफिस में एक हाई लेवल मीटिंग हुई, जिसमें जाधव मामले में आईसीजे में भारत की 22 पेज की रिपोर्ट का जवाब देने और स्ट्रैटजी पर चर्चा की गई। - मीटिंग पाक के अटॉर्नी जनरल (AG) अश्तर औसफ अली की अगुवाई में हुई, इसमें विदेश और कानून मंत्रालय के प्रतिनिधियों और मामले से जुड़े अन्य ऑफिशियल्स ने हिस्सा लिया। lt;bgt;मीटिंग में पाक की स्थिति पर गौर किया गयाlt;/bgt; - अश्तर औसफ अली ने द डॉन से बातचीत में कहा कि इस मसले पर पाक की स्थिति पर गौर करने के लिए हर हफ्ते मीटिंग की जाएगी और इस्लामाबाद के नजरिए को आखिरी रूप दिया जाएगा। साथ भारत के आरोपों का सटीक जवाब ढूंढा जाएगा। - अखबार के मुताबिक अली ने बताया कि वे केस से जुड़े सभी लोगों के टच में हैं, खासकर खवर कुरैशी के जिन्होंने शुरुआत में पाक की तरफ से पैरवी की थी। पाक AG का ऑफिस भारत द्वारा जम्मू कश्मीर में ह्यूमन राइट्स वॉयलेशन के मामलों को भी इकट्ठा कर रहा है। lt;bgt;पाक के पास 13 दिसंबर तक का वक्तlt;/bgt; - आईसीजे ने पाक को लिखित में जवाब देने या मेमोरियल सबमिट करने के लिए 13 दिसंबर तक का वक्त दिया है ताकि इस मामले में आगे की कार्यवाही शुरू की जा सके। - पाक विदेश मंत्रालय के सूत्रों का कहना है कि पाक इस फैक्ट पर मजबूती से अपना बचाव करेगा कि जाधव पाक में भारतीय जासूस के तौर पर विध्वंसक गतिविधियों (subversive activities) में लिप्त था। lt;bgt;PAK आर्मी बोली- जल्द खबर सुनाएंगेlt;/bgt; - पाकिस्तान आर्मी के एक अफसर ने गुरुवार को कहा था कि कुलभूषण जाधव की दया याचिका पर जल्द फैसला लिया जाएगा। मेजर जनरल आसिफ गफूर ने कहा, मर्सी पिटीशन आर्मी चीफ के पास है। इस पर जल्द ही आपको खबर देंगे। हालांकि, उन्होंने ये नहीं बताया कि फैसला किस तरह का होगा? lt;bgt;ICJ ने इस मामले में क्या कहा है?lt;/bgt; - इंटरनेशनल कोर्ट में भारत की तरफ से सीनियर एडवोकेट हरीश साल्वे ने 8 मई को पिटीशन दायर की थी। भारत ने यह मांग की थी कि भारत के पक्ष की मेरिट जांचने से पहले जाधव की फांसी पर रोक लगाई जाए। - कुलभूषण को पाक सेना की ओर से सुनाई गई फांसी की सजा पर इंटरनेशनल कोर्ट ने 18 मई को रोक लगा दी थी। कोर्ट ने कहा था, मामले पर फैसला होने तक कुलभूषण को फांसी नहीं दी जाएगी। lt;bgt;इंटरनेशनल कोर्ट ने PAK से क्या कहा था?lt;/bgt; - जाधव की फांसी पर रोक का फैसला सुनाते वक्त कोर्ट ने पाकिस्तान से साफ कहा था कि उसे ये कोर्ट को सबूतों के साथ बताना होगा कि उसे जो ऑर्डर आईसीजे ने दिए हैं, उन पर किस तरह अमल किया गया। lt;bgt;क्या है जाधव का मामला?lt;/bgt; - पाक की मिलिट्री कोर्ट ने जाधव को जासूसी और देश विरोधी गतिविधियों के आरोप में फांसी की सजा सुनाई है। भारत का कहना है कि जाधव को ईरान से अगवा किया गया था। इंडियन नेवी से रिटायरमेंट के बाद वे ईरान में बिजनेस कर रहे थे। - हालांकि पाक का दावा है कि जाधव को बलूचिस्तान से 3 मार्च 2016 को अरेस्ट किया गया था। पाकिस्तान ने जाधव पर बलूचिस्तान में अशांति फैलाने और जासूसी का आरोप लगाया है।