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जर्मनी और US के 3 साइंटिस्ट को फिजिक्स का नोबेल, ग्रेविटेशनल वेव्स पर किया काम

जर्मनी और US के 3 साइंटिस्ट को फिजिक्स का नोबेल, ग्रेविटेशनल वेव्स पर किया काम

lt;bgt;स्टॉकहोम.lt;/bgt; फिजिक्स के लिए 2017 का नोबेल प्राइज ग्रेविटेशनल वेव्स से जुड़े काम के लिए जर्मनी और अमेरिका के तीन वैज्ञानिकों को दिया जाएगा। इनके नाम रायनर वीस, बैरी सी बैरिश और किप एस. थॉर्न हैं। इन्होंने लेजर इंटरफेरोमीटर ग्रैविटेशनल वेव आबजर्विटी (LEGO) के क्षेत्र में काम किया है। इन्हें इनाम के तौर पर 90 लाख स्वीडिश क्रोन (करीब 7.25 करोड़ रुपए) दिए जाएंगे। इनामी रकम का आधा हिस्सा रायनर वीस को दिया जाएगा, जबकि आधे हिस्से के दो बराबर भाग बैरिश और थॉर्न के बीच बांटे जाएंगे। lt;bgt;तीनों वैज्ञानिकों में कौन कहां से...lt;/bgt; lt;bgt;1) रायनर वीसlt;/bgt; - वीस का जन्म 1932 में जर्मनी के बर्लिन में हुआ। 1962 में उन्होंने कैंब्रिज के मैसाचुसेट्स इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी से पीएचडी की। वे इसी इंस्टीट्यूट में प्रोफेसर हैं। lt;bgt;2) बैरी सी बैरिशlt;/bgt; - बैरिश का जन्म 1936 में अमेरिका के आेमाहा में हुआ। 1962 में उन्होंने बर्कले की कैलिफोर्निया यूनिवर्सिटी से पीएचडी की। पासादेना की कैलिफोर्निया इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी में वे फिजिक्स के प्रोफेसर हैं। lt;bgt;3) किप एस. थॉर्नlt;/bgt; - थॉर्न का जन्म 1940 में अमेरिका के लोगन में हुआ। उन्होंने 1965 में अमेरिका की प्रिंस्टन यूनिवर्सिटी से पीएचडी की। वे पासादेना की कैलिफोर्निया इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी में थेयोरेटिकल फिजिक्स के प्रोफेसर हैं। lt;bgt;US के तीन साइंटिस्ट को मिला था मेडिसन का नोबेलlt;/bgt; - इससे पहले सोमवार को अमेरिका के 3 साइंटिस्ट जेफरी सी हॉल, माइकल रोसबाश और माइकल यंग को संयुक्त रूप से 2017 का मेडिसिन के क्षेत्र में नोबेल प्राइज दिया देने का एलान किया गया है। तीनों साइंटिस्ट को ये पुरस्कार शरीर में मौजूद बायोलॉजिकल क्लॉक (जैविक घड़ी) पर उनके काम के लिए दिया जाएगा। lt;bgt;अभी 4 नोबेल प्राइज का और होगा एलानlt;/bgt; lt;bgt;04 अक्टूबर: lt;/bgt;कैमिस्ट्री lt;bgt;05 अक्टूबर: lt;/bgt;लिटरेचर lt;bgt;06 अक्टूबर: lt;/bgt;पीस lt;bgt;09 अक्टूबर: lt;/bgt;इकोनॉमिक्स lt;bgt;कौन थे नोबेल?lt;/bgt; - अल्फ्रेड नोबेल (1833-1896) स्वीडिश साइंटिस्ट थे। उनकी सबसे प्रमुख खोज डाइनामाइट थी। इससे उन्होंने काफी पैसे कमाए। - नोबेल फ्रांस में रहते थे। एक बार वहां के लोकल अखबार में नोबेल की मौत की गलत खबर छपी। दरअसल, तब नोबेल के भाई की मौत हुई थी। - इस खबर में नोबेल को मौत का सौदागर बताया गया था। खबर से दुखी होकर नोबेल ने अपनी पूरी प्रॉपर्टी को दान करने का फैसला किया।