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कभी ट्रैफिक पुलिस में करते थे जॉब, अब खुद को बताते हैं भगवान का रूप

कभी ट्रैफिक पुलिस में करते थे जॉब, अब खुद को बताते हैं भगवान का रूप

lt;bgt;इंटरनेशनल डेस्क.lt;/bgt; कभी एक साधारण ट्रैफिक पुलिस कर्मचारी की तरह ड्यूटी करने वाले सर्गेई तोरोप को रूस के एक गांव में लोग अब जीसस का रूप मानते हैं। साउथ साइबेरिया के छोटे से गांव पेत्रोपावलोका में सर्गेई के 5 हजार से ज्यादा फॉलोअर्स हैं और उन्हें जीसस का अवतार मानते हैं। लंबे बाल, बड़ी दाढ़ी, सफेद पोशाक पहने सर्गेई बताते हैं कि 1991 के बाद उन्हें अहसास हुआ कि वो जीसस का पुनर्जन्म हैं। उनके उपदेश सुनने के लिए सैकड़ों फॉलोअर्स ने उनके चर्च के आसपास ही बसेरा बना लिया है। lt;bgt;दो बीवी और 6 बच्चों के साथ रहते हैं सर्गेई...lt;/bgt; - 56 साल के सर्गेई खुद को जीसस का पुनर्जन्म बताते हैं। कुरागिन्स के आस-पास रहने वाले हजारों लोग उनको ईश्वर का बेटा मानकर उनकी पूजा करते हैं। - 1991 में सोवियत रूस के टूटने से पहले सर्गेई रेड आर्मी में सर्विस दे चुके हैं। इसके बाद वो ट्रैफिक पुलिस में भी काम कर चुके हैं। - अपनी दो बीवियों और 6 बच्चों के साथ रहने वाले सर्गेई फॉलोअर्स को पुनर्जन्म, शाकाहार और कयामत पर उपदेश देते हैं। वो अपने अनुयायियों से एक भयानक बाढ़ की भविष्यवाणी भी कर चुके हैं। - गांव में रहने वाले ज्यादातर लोग सर्गेई की शिक्षा से प्रभावित होकर पूरी तरह से वेजिटेरियन हो चुके हैं। इसके अलावा गांववाले नशे की चीजों से भी दूरी बना चुके हैं। - सर्गेई के कई फॉलोअर्स उनके उपदेश सुनने के लिए अपना अच्छा-खासा करियर छोड़ चुके हैं। इतना ही नहीं, वो जिस चर्च में रहते हैं उसके आसपास भी सैकड़ों अनुयायी सालों से डेरा जमाए हैं। lt;bgt;आगे की स्लाइड्स में देखिए खुद को जीसस बताने वाले सर्गेई तोरो की PHOTOS.....lt;/bgt;