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अमेरिका सबूत दे तो हम हक्कानी नेटवर्क के ठिकानों को खत्म करने को तैयार: PAK

अमेरिका सबूत दे तो हम हक्कानी नेटवर्क के ठिकानों को खत्म करने को तैयार: PAK

lt;bgt;इस्लामाबाद.lt;/bgt; पाकिस्तान के विदेश मंत्री ख्वाजा आसिफ ने कहा है कि अगर अमेरिका सबूत देता है तो हम उसके साथ मिलकर आतंकी संगठन हक्कानी नेटवर्क को खत्म करने के लिए एक संयुक्त सैन्य अभियान करने को तैयार हैं। बता दें कि पाक ने देश में पनाह लिए इस आतंकी गुट के खिलाफ सख्त रवैये का सबूत तब दिया है, जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने इस मुद्दे पर अपना रुख बेहद सख्त कर लिया है और पाक को इसके लिए वॉर्निंग भी दी है।lt;bgt; इसी महीने US के विदेश और रक्षा मंत्री जाएंगे पाक...lt;/bgt; - ख्वाजा आसिफ ने ये भी कहा कि पाक आर्मी चीफ जनरल कमर जावेद बाजवा ने ऐसा ही ऑफर काबुल के दौरे के दौरान अफगानिस्तान के प्रेसिडेंट अशरफ गनी को भी दिया था। बता दें कि कुछ दिनों पहले ही ये खबर आई थी ट्रम्प यूएस विदेश मंत्री रेक्स टिलरसन और रक्षा मंत्री जिम मैटिस को इसी महीने पाकिस्तान भेजेंगे। ये दोनों टॉप यूएस ऑफिशियल्स पाक सरकार को आतंकी पनाहगाहों पर सख्त मैसेज देंगे। lt;bgt;क्या है हक्कानी नेटवर्क?lt;/bgt; - हक्कानी नेटवर्क एक आतंकी संगठन है। अफगानिस्तान में ये अमेरिकी हितों के खिलाफ काम कर रहा है। इस गुट ने पिछले कुछ सालों में वहां अपहरण और हमलों की कई वारदातों को अंजाम दिया है। अफगानिस्तान में यह संगठन भारतीय हितों के खिलाफ भी काम कर रहा है। lt;bgt;भारत के खिलाफ हमलों में भी हक्कानी नेटवर्क का हाथlt;/bgt; - हक्कानी नेटवर्क ने 2008 में काबुल में इंडियन मिशन पर हमला किया था जिसमें 58 लोग मारे गए थे। अमेरिका ने कहा था पाकिस्तान में पनाह लेने वाला हक्कानी नेटवर्क तालिबान के साथ मिलकर अफगानिस्तान में हमले कर रहा है। इसी साल जून में काबुल के वीवीआईपी इलाके में हमला हुआ था। इसमें 21 लोग मारे गए थे जबकि करीब 400 घायल हुए थे। हमले का आरोप हक्कानी नेटवर्क पर ही लगा था। खास बात ये है कि जिस इलाके में ये हमला हुआ था वहां भारत, फ्रांस, जापान और तुर्की की एम्बेसीज हैं। lt;bgt;ट्रम्प ने अगस्त में पाक को दी थी वॉर्निंगlt;/bgt; - ट्रम्प ने इसी साल 21 अगस्त को पाकिस्तान को सीधी वॉर्निंग दी थी। देश के नाम अपनी स्पीच में ट्रम्प ने कहा था, पाकिस्तान में लोग आतंकवाद से पीड़ित हैं, लेकिन आज पाकिस्तान आतंकियों के लिए सेफ हैवन भी है। अगर पाकिस्तान आतंकी संगठनों का साथ देता रहा तो हम इस पर चुप नहीं बैठेंगे। - अफगानिस्तान में हमारे प्रयासों से जुड़कर पाकिस्तान को बहुत फायदा हुआ है, हम पाक को बिलियन डॉलर भेजते रहे, उसी वक्त वो आतंकियों की पनाहगाह भी बनता गया। लिहाजा अब आतंकियों को खत्म करने में वह हमारी मदद करे। अब वक्त आ गया है कि आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में पाकिस्तान अपना कमिटमेंट दिखाए। - अर्लिंगटन के फोर्ट मेइर मिलिट्री बेस से देश को संबोधित करते हुए ट्रम्प ने अफगानिस्तान और साउथ एशिया को लेकर यूएस की रणनीति की जानकारी दी थी। उसी दौरान उन्होंने पाकिस्तान को चेतावनी भी दी थी।