आध्यात्म

गाय के गोबर में निवास करती हैं देवी लक्ष्मी, लिखा है इस ग्रंथ में

गाय के गोबर में निवास करती हैं देवी लक्ष्मी, लिखा है इस ग्रंथ में

हिंदू धर्म में गाय को बहुत ही पवित्र और शुभ माना गया है। अनेक धर्म ग्रंथों में गाय को मोक्ष प्रदान करने वाली बताया गया है। मान्यता है कि गाय में देवी महालक्ष्मी का भी वास होता है। इस संदर्भ में एक कथा महाभारत के अनुशासन पर्व में पितामह भीष्म ने धर्मराज युधिष्ठिर को सुनाई है। उसी के अनुसार, गाय के गोबर व मूत्र में देवी लक्ष्मी का निवास बताया गया है। यही कारण है कि गाय के गोबर और मूत्र को बहुत ही पवित्र माना गया। दिवाली (19 अक्टूबर, गुरुवार) के अवसर पर हम आपको यह पूरा प्रसंग बता रहे हैं, जो इस प्रकार है- पितामह भीष्म ने ये बताया था युधिष्ठिर को एक समय की बात है, लक्ष्मी ने मनोहर रूप धारण करके गायों के एक झुंड में प्रवेश किया, उनके सुंदर रूप को देखकर गायों ने पूछा कि- देवी। आप कौन हैं और कहां से आई हैं? तुम पृथ्वी की अनुपम सुंदरी जान पड़ती हो। सच-सच बताओ, तुम कौन हो और कहां जाओगी? तब लक्ष्मी ने कहा- गायों। तुम्हारा कल्याण हो, मैं इस जगत में लक्ष्मी के नाम से प्रसिद्ध हूं। सारा जगत मेरी कामना करता है। मैंने दैत्यों को छोड़ दिया, इससे वे सदा के लिए नष्ट हो गए और मेरे ही आश्रय में रहने के कारण इंद्र, सूर्य, चंद्रमा, विष्णु, वरूण तथा अग्नि आदि देवता सदा आनंद भोग रहे हैं। जिनके शरीर में मैं प्रवेश नहीं करती, वे नष्ट हो जाते हैं। अब मैं तुम्हारे शरीर में निवास करना चाहती हूं। lt;bgt;यह पूरा प्रसंग जानने के लिए आगे की स्लाइड पर क्लिक करें-lt;/bgt; lt;bgt;तस्वीरों का इस्तेमाल प्रस्तुतिकरण के लिए किए गया है।lt;/bgt;

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