आध्यात्म

करवा चौथः कृत्तिका नक्षत्र में होगा चंद्रोदय, ये है पूजन विधि

करवा चौथः कृत्तिका नक्षत्र में होगा चंद्रोदय, ये है पूजन विधि

कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि को करवा चौथ का पर्व मनाया जाता है। इस बार ये पर्व 8 अक्टूबर, रविवार को है। उज्जैन के ज्योतिषी पं. प्रफुल्ल भट्ट के अनुसार, इस बार करवा चौथ पर कई शुभ योग बन रहे हैं। गुरु-चंद्रमा का असर होगा महिलाओं पर पं. भट्ट के अनुसार, इस बार करवा चौथ पर गुरु और चंद्रमा का दृष्टि संबंध भौतिक सुख और समृद्धि देने वाला रहेगा। बृहस्पति वृद्धि, सौभाग्य और शुभता का कारक है। गुरु के कारण प्रेम संबंध मधुर होंगे। दाम्पत्य जीवन में सुख बढ़ेगा। अपोजिट जेंडर आकर्षित होगा। महिलाओं में सुन्दर दिखने और सजने की इच्छा अधिक रहेगी। वाणी में मधुरता और विचारों में कल्पनाशीलता भी रहेगी। गजकेसरी योग बनने से पति-पत्नी करवा चौथ पर किए गए वादे निभाएंगे। इस बड़े शुभ योग से धन लाभ और सौभाग्य में वृद्धि होगी। 08.30 पर होगा चंद्रोदय रविवार की रात करीब 08.30 पर कृतिका नक्षत्र में चंद्रोदय होगा। इससे पति-पत्नी में प्रेम बढ़ेगा और घर में सुख-समृद्धि आएगी। ज्योतिष के अनुसार, कृतिका स्त्री नक्षत्र है। इसमें रचनात्मक कार्य करना शुभ माना जाता है। इस नक्षत्र में राजसिक गुण होने से ये नक्षत्र दाम्पत्य जीवन के लिए शुभ और सौभाग्यशाली भी माना गया है। इसके प्रभाव से महिलाओं का अत्मबल बढ़ेगा। गणेश जी की पूजा करने से बुद्धि और वाणी में लाभ होगा। पूरे दिन रहेगा सिद्धि योग चंद्रमा पर गुरु की सप्तम दृष्टि होने से इस दिन की गई पूजा-पाठ सिद्ध होगी और उसका विशेष फल मिलेगा। इसके साथ सिद्धि योग बनने से दिन और खास हो जाएगा। इस शुभ योग के कारण करवा चौथ खरीदारी के लिए भी खास रहेगा। गुरु के प्रभाव से दाम्पत्य जीवन में सुख, शांति और प्रेम रहेगा। lt;bgt;करवा चौथ की संपूर्ण व्रत विधि व कथा जानने के लिए आगे की स्लाइड पर क्लिक करें-lt;/bgt; lt;bgt;तस्वीरों का इस्तेमाल प्रस्तुतिकरण के लिए किया गया है।lt;/bgt;

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