आध्यात्म

ऐसे लोगों से सावधान रहेंगे तो हमेशा सुखी रहेंगे

ऐसे लोगों से सावधान रहेंगे तो हमेशा सुखी रहेंगे

हमारे आसपास कुछ लोग ऐसे होते हैं, जिन्हें कभी भी नाराज नहीं करना चाहिए। यहां एक किस्से से जानिए किन लोगों से सावधान रहें और किन लोगों को कभी खोना नहीं चाहिए... एक गुरुकुल में बारह वर्ष की शिक्षा ग्रहण करने के बाद सभी शिष्य अपने-अपने घर लौट रहे थे। गुरुजी भी अपने शिष्यों की शिक्षा से बहुत खुश थे और अंतिम उपदेश देने की तैयारी कर रहे थे। जब उपदेश की तैयारी पूरी हो गई तो गुरुजी ने सभी शिष्यों को एक जगह एकत्रित होने के लिए कहा। गुरु की आज्ञा का पालन करते हुए सभी शिष्य एक जगह एकत्रित हो गए। गुरुजी के हाथ में लकड़ी के 3 गुड्डे थे। उन्होंने शिष्यों को तीनों गुड्डे दिखाते हुए कहा कि आप सभी को इन तीनो में अंतर खोजना है। सभी शिष्य ध्यानपूर्वक गुड्डों को देखने लगे। तीनों लकड़ी से बने एक समान दिखने वाले गुड्डे थे। सभी चकित थे कि भला इन एक समान गुड्डों में क्या अंतर हो सकता है? तभी किसी शिष्य को एक गुड्डे के कान में छेद दिखाई दिया। इसके बाद तीनों गुड्डों में अंतर खोजकर गुरुजी को बताया कि एक गुड्डे के दोनों कान में छेद है। दूसरे गुड्डे के एक कान और मुंह में छेद है। तीसरे गुड्डे के सिर्फ एक कान में छेद है।

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