जरा हटके

मौत के बाद भी 22 साल तक धड़का दिल, लोगों पर हुआ जबरदस्त असर और...

मौत के बाद भी 22 साल तक धड़का दिल, लोगों पर हुआ जबरदस्त असर और...


न्यूयॉर्क।

सात साल के निकोलस ग्रीन की 1994 में मौत हो गई। परिवार जब छुट्टियां बिताने के लिए इटली गया था तो एक शख्स ने उसे गोली मार दी और उसके बाद परिवार ने निकोलस को खो दिया। हालांकि उन बातों को 22 साल बीतने के बाद भी निकोलस का शरीर धड़कता रहा। 

निकोलस की मौत के उसके माता-पिता मागी और रेग ने उसके दिल को दान करने का फैसला लिया। जिसे एक किशोर एंडेरा के शरीर में ट्रांसप्लांट किया गया। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक अगले 22 साल तक निकोलस का दिल एंडेरा के शरीर में धड़कता रहा। इसी साल फरवरी में 37 वर्ष की उम्र में एंडेरा की मौत हो गई। 

दिल के साथ ही मागी और रेग ने उसके शरीर के अन्य अंगों को भी दान कर दिया। इससे 5 लोगों की जिंदगी को बेहतर बनाया जा सका। मां-बाप के उस फैसले का इटली के लोगों पर इतना जबरदस्त असर पड़ा की निकोलस की मौत के 10 सालों के अंदर ही अंगदान तीन गुना तक बढ़ गया। इटली ने निकोलस के अंगों से आए इस बदलाव को ‘निकोलस प्रभाव’ का नाम दिया है। 

दरअसल, निकोलस की मौत उस वक्त हुई जब उसके पिता कार चला रहे थे। निकोलस अपने चार साल के भाई के साथ कार की पिछली सीट पर बैठा था। उन्हें लगा कि एक कार उनका पीछा कर रही है। उसी वक्त दूसरी कार में बैठे कुछ लोगों ने उन पर हमला कर दिया और गोली चला दी।

कार की पिछली सीट पर सो रहे निकोलस को गोली लगी ये बात उनके माता-पिता को उस वक्त पता ही नहीं चली। जब देखा तो निकोलस निढाल था। गोली उसके सिर के पिछले हिस्से में लगी थी। बाद में डॉक्टर्स ने उसे चिकित्सकीय दृष्टिकोण से मृत घोषित कर दिया। इसी के बाद निकोलस के मां-बाप ने उसके अंग दान करने का फैसला किया। 


Tags:

  • Boy's heart,
  • heart beating,
  • heart beating after death,
  • Organ donation,
  • Nicholas Effect,
  • Italy,
  • निकोलस ग्रीन,
  • निकोलस इफेक्ट,
  • इटली,
  • अंगदान,

कमेंट